नील सरस्वती साधना । नील सरस्वती के दो स्वरूप की उपासना होती है । सौम्य स्वरूप वाकसिद्धि , धनधान्य , शत्रु कलह शमन केलिए ओर उग्र स्वरूप तारा तंत्र की अनेक सिद्धिया प्राप्त करने केलिए । यहां सौम्य स्वरूप की उपासना का एक विधान दे रहे है । इन सौम्य स्वरूप की उपासना से अचूक फल मिलता है । शत्रु ओर कलह का शमन हो जाता है और वाकसिद्धि प्राप्त होती है जो समाज , व्यापार , राजनीति , शिक्षण , प्रवचन बिगेरा क्षेत्रमे सफलता दिलाती है । ज्योतिष भविष्यवाणी को सम्पूर्ण करने वाली नील सरस्वती साधना अगर कोई ज्योतिष नील सरस्वती की साधना कर ले, तो उसे ज्योतिष शास्त्र का सम्पूर्ण ज्ञान हो जाता हैं. नील सरस्वती की साधना को पूर्ण करने पर ज्योतिष द्वारा की गई भविष्यवाणी सत्य तथा अकाट्य हो जाती हैं तथा इस साधना को करने के बाद ज्योतिष अगर किसी व्यक्ति की कुंडली का विश्लेषण या उसके जीवन से जुडी किसी प्रकार की भविष्यवाणी कर दे, तो वह भी पूर्णत: सत्य सिद्ध हो जाती हैं.निल सरस्वती स्तोत्र पाठ करने से शत्रु ओर कलह शांत हो जाते है । साधना सामग्री :- 1. 1 नीला हकिक पत्थर ( अंगूठी में धारण ...
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